मुख्यमंत्री की नगर में आज मौजूदगी से बढी गहमागहमी , नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का देंगे संदेश

■ उत्कल दिवस पर रायगढ़ में सजेगा भव्य सांस्कृतिक महोत्सव
उत्कल समाज की परंपरा , संस्कृति और भविष्य एक मंच पर
■ *उत्कल समाज की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के तत्वावधान में 1 अप्रैल को नगर के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है।यह आयोजन उत्कल समाज की नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने और उन्हें नई दिशा देने का संदेश देगा।*
रायगढ़ । रायगढ उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के तत्वावधान में 1 अप्रैल को सुबह 11 बजे नगर के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। डॉ. प्रकाश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में ओडिशा के झारसुगुड़ा विधायक टंकधर त्रिपाठी भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे। संस्कृति दिवस पर उत्कल समाज की परंपरा , संस्कृति और भविष्य एक मंच पर संगम होगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज की नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समाज के प्रतिभावान लोगों का सम्मान और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख आकर्षण रहेंगे।उत्कल दिवस का यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। समिति का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अपनी पहचान के प्रति गर्व और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में समाज के लोगों की बड़ी भागीदारी की संभावना है और आयोजन को लेकर समाजजनों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
■ “संस्कृति से जुड़ें, पहचान को आगे बढ़ाएं — यही उत्कल दिवस का संदेश – डा. मिश्रा
उत्कल सांस्कृतिक सेवा समिति के अध्यक्ष डा. प्रकाश मिश्रा का कहना है कि यह आयोजन केवल एक वार्षिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्कल समाज की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है। तेजी से बदलते समय में युवाओं को अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं की जानकारी देना और उनमें गर्व की भावना पैदा करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समाज के प्रतिभाशाली लोगों का सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश प्रमुख आकर्षण रहेंगे।




