खोखले बयानबाजी और वादों की बजाय बजट में सुधार को प्राथमिकता – अमर अग्रवाल
■ पूर्व वित्त मंत्री विधायक बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने मीडिया के जरिए जनता को बताई बजट की खासियत
रायगढ़ । खोखले बयानबाजी और वादों की बजाय बजट में सुधार को प्राथमिकता दी गई।बजट में बड़ी-बड़ी बातें करने की बजाय बजाय जमीन पर ठोस बदलाव या व्यावहारिक सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है जिससे वर्तमान पीढ़ी की आवश्यता पूरी होने के साथ साथ भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में आसानी हो। बजट की विशेष उपलब्धियां पूर्व वित्त मंत्री अमर अग्रवाल ने होटल अंश इंटरनेशनल में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया के जरिए आम जनता से कही। अमर अग्रवाल ने कहा यह बजट विकसित भारत की बुनियाद को मजबूत करेगा। भविष्य की नीतियों को बनाने के लिए मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार लाने आवश्यक बदलाव, संशोधन या संरचनात्मक सुधार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इस बजट से एक बात स्पष्ट हो गई है कि सरकार नीतिगत सुधारों को अधिक महत्व दे रही है। अमर अग्रवाल ने केंद्रीय बजट 2026–27 को युवा शक्ति, सुधार और राष्ट्र निर्माण का बजट बताया। इस बजट में सरकार ने देश की संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलने हेतु तय तीन पवित्र कर्तव्यों में उत्पादकता और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज़ और टिकाऊ बनाने,जनता की आकांक्षाओं को पूरा कर , उन्हें समृद्धि का मजबूत भागीदार बनाने, सबका साथ, सबका विकास के विज़न को साकार करने का निर्णय लिया ताकि हर क्षेत्र और समुदाय को अवसर मिलें। प्रेस वार्ता के दौरान अमर अग्रवाल ने इस बात को रेखांकित किया कि यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है। कर्ज को नियंत्रित रखते हुए विकास के लिए आर्थिक संसाधन सुरक्षित रखना ताकि भारत का विकास अभूतपूर्व गति के साथ अनुशासित खर्चे से हो । इस बजट में 12.2 लाख करोड़ कैपेक्स, प्रावधान से मोदी जी के शासन में सड़क, रेल, एयरपोर्ट, ऊर्जा आदि सेक्टर UPA जैसी आर्थिक तंगी से नहीं गुजरेंगे। मैन्युफैक्चरिंग और स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स में 5 साल में ₹10,000 करोड़ रुपए का प्रावधान से भारत ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा । जिससे युवाओं के लिए हाई-क्वालिटी ROD और मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स के अवसर बनेंगे। सेमीकंडक्टर इंडियन सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: ISM 1.0 से स्केल-अप, इक्विपमेंट, मटेरियल्स, फुल-स्टैक IP, स्किल सेंटर्स, नेक्स्ट जेन मैन्युफैक्चरिंग और हाई-वैल्यू इंजीनियरिंग करियर सुरक्षित होंगे। किसी भी तकनीकी क्षेत्र में भारत दुनिया में किसी देश से पीछे नहीं रहेगा। जिससे हमारी तकनीक स्वदेशी और विश्व स्तरीय होगी। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कैपिटल गुड्स के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स स्कीम का आउटले बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ रुपए का किया गया है जिससे हाई-टेक टूल रूम्स और Construction & Infrastructure Equipment स्कीम, घरेलू हाई-प्रिसीजन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। मोदी सरकार के इस प्रयास से आयत को कम करने के साथ साथ देश में रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।आत्मनिर्भर भारत के लिए MSMEs को सशक्त बनाने हेतु आत्मनिर्भर भारत कोष (SRI) कोष का प्रावधान इस बजट में किया गया ताकि भारत आर्थिक महाशक्ति बनने की अपनी आकांक्षा को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर बन सके। 10,हजार करोड़ SME गोर्थ फंड 2,000 करोड़ आत्मनिर्भर भारतटॉप-अप, होम-ग्रोन MSME चैंपियंस बनाने के लिए इक्विटी सपोर्ट के माध्यम से यह सुनिश्चित होगा कि भारत के विकास में MSME भी बराबर योगदान देता रहेगा। “कॉर्पोरेट मित्रास”, ICAI, ICSI, ICMAI जैसे प्रोफेशनल बॉडीज़ के जरिए टियर-2/3 शहरों में पैराप्रोफेशनल सपोर्ट, माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए कंप्लायंस कॉस्ट कम होगी। अपने घर में, घर के पास, शिक्षित और काबिल युवा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे । बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया गया। 20 नए नेशनल वॉटरवेज, इनलैंड शिप-रिपेयर इकोसिस्टम, लॉजिस्टिक्स से कॉस्ट कम होने के साथ हज़ारों स्किल्ड जॉब्स पैदा होगी। कोस्टल कार्गो प्रमोशन सी प्लेन VGF, कोस्टल/इनलैंड शिपिंग शेयर बढ़ाना, स्वदेशी सीप्लेन मैन्युफैक्चरिंग, रीजनल इंडस्ट्री और टूरिज्म कनेक्टिविटी होगी। इसके माध्यम से भारत की विदेशों पर निर्भरता कम होगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एसेट रीसाइक्लिंग,प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का रिस्क कम,नए प्रोजेक्ट्स के लिए कैपिटल फ्री इसके माध्यम से निजी सेक्टर बिना किसी चिंता के निवेश कर सकेगा। रिस्किलिंग और सर्विस एक्सपोर्ट्स पर ध्यान केंद्रित किया गया है यह भारत को दुनिया का स्किल और सर्विस कैपिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स,के जरिए हेल्थ संस्थानों का अपग्रेड, मेडिकल वैल्यू टूरिज्म हब्स, जॉब्स टूरिज्म एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा यह योजना युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर हेल्थ जॉब्स पैदा करते हुए भारत को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण इलाज की वैश्विक डेस्टिनेशन में बदलने की दिशा में काम करेगी। 15,000 स्कूलों 500 कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफ़ेक्ट, गेमिंग, कॉमिक्स लैव्स, पूर्वी भारत में नया NID, क्रिएटिव डिजिटल करियर का यह कदम मोबाइल पर कंटेंट देखने वाली पीढ़ी को ही एनीमेशन, गेमिंग और डिज़ाइन में ग्लोबल करियर बनाने वाली क्रिएटिव फोर्स में बदलने की नींव रखने में कामयाब होगा। इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास हर STEM ज़िले में गर्ल्स हॉस्टल, एजुकेशन को इंडस्ट्री डिमांड से जोड़ना। यह मॉडल पढ़ाई को उद्योग से सीधे जोड़कर डिग्री को नौकरी में बदलने की गारंटी देने के साथबेटियों के लिए सुरक्षित STEM भविष्य सुनिश्चित करेगा।बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने बताया खेती की दिशा में भी यह बजट युगांतकारी बदलाव लाएगा।भारत विस्तार AI-इंटीग्रेटेड AgriStack + ICAR एडवाइजरी के प्रावधानों से प्रोडक्टिविटी बढ़ने के साथ जोखिम में कमी आयेगी।एग्री-टेक जॉब्स की पहल खेती को किस्मत से निकालकर डेटा और AI आधारित निर्णयों पर लाएगी है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ती है और ग्रामीण युवाओं के लिए एग्री-टेक में नए रोजगार के अवसर बनेंगे। नारियल, काजू, कोको, नंदन, हाई-डेंसिटी नट ऑर्चर्ड, वैल्यू एडिशन और रूरल यूथ एंटरप्रेन्योरशिप की ठोस रणनीति पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू फसलों के जरिए गांवों को एग्री-बिजनेस हब में बदलेगी और ग्रामीण युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि उद्यमी बनने का अवसर देगी। 500 जलाशयों का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट,से महिला समूहों और FPO लिंक से इन्क्लूसिव ग्रोथ होगा इससे भारत के coastal क्षेत्रों के अलावा inland fisheries सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम जल संसाधनों को आय के स्थायी स्रोत में बदलते हुए मछुआरों, महिला समूहों और छोटे उत्पादकों को संगठित बाजार से जोड़कर समावेशी विकास को जमीन पर लाएगा।महिलाओं की क्रेडिट-आधारित आजीविका को एंटरप्राइज ओनरशिप में बदलना, ताकि महिला उद्यमियों का सशक्तिकरण हो सके। यह पहल स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल ऋण लेने वाली नहीं बल्कि अपने खुद के ब्राड और बाज़ार चलाने वाली उद्यमी शक्ति में बदलने का रास्ता खोलती है। गरीब परिवारों पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का बोझ करने के लिए आयुष्मान भारत योजना के साथ अब एक और नया अध्याय जोड़ा गया है। यह पहल मानसिक स्वास्थ्य और आपातकालीन इलाज साथ मिलकर सस्ती व समय पर स्वास्थ्य सुरक्षा की नई पहल होगी। इससे गरीब परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा। 1 अप्रैल 2026 से लागू,नए आयकर अधिनियम में सरल नियम बनाए गए जिससे , कम कंप्लायंस बोझ और ease of doing business में और आसानी आयेगी। यह नया टैक्स कानून करदाताओं और कारोबारियों को जटिलताओं से मुक्त करेगा, नियमों को सरल बनाएगा और ईमानदार टैक्सपेयर का समय व पैसा दोनों बचाएगा. सिंगल IT सर्विस कैटेगरी, 15.5% सेफ हार्बर, थ्रेशोल्ड ₹300 करोड़ से बढ़ाकर ₹2,000 करोड़, ऑटोमेटेड अप्रूवल + 5 साल कंटिन्यूटी का फैसला IT और स्टार्टअप सेक्टर को अनिश्चितताओं से राहत देगा, कंप्लायंस आसान करेगा और भारत के सर्विस एक्सपोर्ट्स को नई रफ्तार देगा। भारत को ग्लोबल क्लाउड हब बनाने के लिए भारत में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निवेश को आकर्षित करेगा और देश को दुनिया का भरोसेमंद डिजिटल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाएगा। यह बजट एक युवा-केंद्रित, रिफॉर्म हैवी रोडमैप है। Yuva Shakti + Viksit Bharat: फिस्कल डिसिप्लिन + भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामरिक दृष्टि से कैपिटल अलोकेशन करना स्किल डिमांड ज्यादा जॉब्स, ज्यादा एक्सपोर्ट्स, ज्यादा मॉडर्न इंडस्ट्रीज़ की मिशाल बनेगा।प्रेस वार्ता के दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान,पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, पूर्व मंत्री सत्यानन्द राठिया,वरिष्ठ भाजपा नेता गुरुपाल भल्ला,श्रीकांत सोमावार, महापौर जीवर्धन चौहान,महामंत्री विकास केड़िया,जतिन साव,सुभाष पांडे,मुकेश जैन,सतीश बेहरा,ब्रजेश गुप्ता,सनत,डॉक्टर शिंदे, नायक,अशोक अग्रवाल,पावन अग्रवाल,अरुण कातोरे,भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल शैलेश माली सहित भाजपा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भाजपा के पदाधिकारी मौजूद थे इस संबंध की जानकारी प्रवक्ता बब्बल पांडेय ने दी।






