मां और बेटे को पति/पिता की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा

■ अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा का फैसला
■ न्यायालय श्रीमान अभिषेक शर्मा अपर सत्र न्यायाधीश घरघोड़ा ने सुनाया फैसला
घरघोडा । मामला थाना लैलूंगा के ग्राम कोड़ामाई की है जहां से थाना लैलूंगा में सूचना प्राप्त हुई कि लच्छी राम सिदार की संदेहास्पद परिस्थितियों में मृत्यु हो गई ।
थाना लैलूंगा के तात्कालीन निरीक्षक आर एन साय ने तत्काल ग्राम कोड़ा माई पहुंच कर घटना की जांच शुरू कर दी, लच्छी राम सिदार मृत अवस्था में घर के भीतर पड़ा था, वहां खून फैला हुआ था मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी द्वारा सभी एंगल से जांच जारी रखा।
अंत में बहुत ही घिनौना और चौंकाने वाला मामला सामने आया कि मृतक की पत्नी और पुत्र ने प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंटा और उसकी हत्या कर दी।
मृतक की पत्नी रूधनी सिदार ने अपराध कबूल करते हुए यह बतलाया कि दिनांक 25/08/2021को रात्रि 8/9 बजे के मध्य मृतक लच्छी राम सिदार शराब के नशे में धुत्त होकर घर आया और खाना मांगने लगा तब वह एवं उनका पुत्र परमेश्वर सिदार घर में थे ,आरोपिया रूधनी सिदार ने मृतक को खाना परोसा मृतक खाना खाते खाते भी पत्नी और पुत्र को डांट फटकार कर रहा था और खाते खाते ही लेट्रिंग कर डाला , और बहुत घिनौना आचरण करने लगा जिससे उसका पत्नी और पुत्र से लड़ाई झगड़ा अत्यधिक बढ़ गया ,मृतक नशे में चूर था और उसका पुत्र और उसकी पत्नी दोनों आवेश में थे उनके सिर पर खून सवार था दोनों मां बेटे ने ने मिलकर प्लास्टिक की रस्सी का फंदा बनाया और मृतक के गले में फंसा कर दोनों तरफ से खींच दिये जिससे लच्छी राम सिदार सांसें थम गई।
आरोपी गण ने घटना को आत्महत्या का स्वरूप देने का भरसक प्रयास किया मगर पुलिस की मुस्तैदी से मामले का खुलासा हुआ।
विवेचना अधिकारी आर एन साय ने विवेचना पूर्ण कर आरोपी मां बेटे के विरुद्ध धारा 302 भारतीय दण्ड संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
अपर सत्र घरघोड़ा ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों के बयान दर्ज कराए तथा उभय पक्ष के बहस सुनने के पश्चात आरोपीगण मां बेटे को पति/ पिता की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा ₹1000=रू 1000=रू के अर्थ दण्ड से दण्डित किया।
माननीय न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से क्षतिपूर्ति राशि 100000/रू दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
राज्य की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।








