फरार कुख्यात क्रिकेट सटोरिया सानू बेरीवाल समेत तीन गिरफ्तार , ऑपरेशन क्लीन हंट में बड़ी कामयाबी

■यूपीआई से होता था सट्टे की रकम का लेन-देन , चार महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था मुख्य खाईवाल,

रायगढ़ । आईपीएल 2026 के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस ने एक और बड़ा प्रहार किया है। ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने करीब चार महीने से फरार चल रहे कुख्यात क्रिकेट सटोरिया एवं मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल समेत उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ में ऑनलाइन सट्टे के संचालन और यूपीआई के जरिए रकम के लेन-देन से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

गिरफ्तार आरोपियों में सानू बेरीवाल (32), निवासी पंचवटी कॉलोनी, चक्रधरनगर, मोहित संथालिया (19), निवासी मोवा, रायपुरऔर विजय कुमार देवांगन (43), निवासी चक्रधरनगर, रायगढ़ शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पहले पकड़े गए सटोरियों ने खोला था सानू का नाम

मामले की शुरुआत आईपीएल 2026 के दौरान 9 अप्रैल को हुई कार्रवाई से हुई थी। ‘ऑपरेशन अंकुश’ के तहत साइबर थाना और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बोईरदादर स्थित शालिनी स्कूल रोड के गुरुकृपा प्रोविजन स्टोर में दबिश देकर पंकज जयसिंह और जयदेव मित्रा को केकेआर और एलएसजी के बीच खेले जा रहे मुकाबले पर मोबाइल के जरिए सट्टा खिलाते पकड़ा था।

पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया था कि वे मुख्य खाईवाल सानू बेरीवाल के लिए क्रिकेट सट्टे का काम करते थे और सट्टे की रकम का लेन-देन यूपीआई के माध्यम से किया जाता था।

इसके अगले ही दिन 10 अप्रैल को पुलिस ने पंचवटी नगर बोईरदादर निवासी कशिश बलानी को उसके मकान के बाहर मोबाइल के जरिए CSK और DC के बीच चल रहे आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते पकड़ा। पूछताछ में उसने भी करीब एक वर्ष से सानू बेरीवाल के लिए सट्टा कारोबार करने तथा यूपीआई के माध्यम से रकम के लेन-देन की बात स्वीकार की थी। दोनों मामलों में थाना चक्रधरनगर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 एवं बीएनएस की धारा 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 157/2026 और 158/2026 दर्ज किए गए थे।

चार महीने तक फरारी, फिर पुलिस के शिकंजे में

पूछताछ में सामने आए तथ्यों और आरोपियों के बयानों के आधार पर सानू बेरीवाल के साथ मोहित संथालिया और विजय कुमार देवांगन की संलिप्तता भी सामने आई। इसके बाद से तीनों लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस की टीमें लगातार उनकी तलाश में जुटी थीं।

इसी बीच 21 अगस्त को तीनों के उपस्थित मिलने की सूचना पर पुलिस ने उन्हें थाना बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने सानू बेरीवाल से दो मोटोरोला मोबाइल, मोहित संथालिया से एक सैमसंग मोबाइल और विजय कुमार देवांगन से एक सैमसंग मोबाइल, कुल चार मोबाइल फोन जब्त किए।

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