उर्दना चौक से संबलपुर एनएच तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनेगा नया मार्ग

केलो नदी किनारे विकसित होगा नया फोरलेन कॉरिडोर, कलेक्टर ने किया स्थल निरीक्षण

शहर में प्रवेश किए बिना जशपुर रोड से सीधे मिलेगा राष्ट्रीय राजमार्ग से संपर्क

रायगढ़ ।  कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी ने आज नगर पालिक निगम रायगढ़ क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से केलो नदी के किनारे प्रस्तावित फोरलेन मार्ग के निर्माण स्थल का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उर्दना चौक से लेकर संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग विकसित करने के लिए नए सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मार्ग शहर के भविष्य के यातायात प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
प्रस्तावित सड़क परियोजना के अंतर्गत एसईसीएल क्षेत्र से बोंदाटिकरा पुल, बोंदाटिकरा पुल से आकाशवाणी रोड होते हुए मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण कार्य शामिल किया गया है। कलेक्टर ने इस परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां एवं भू-अर्जन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने हेतु लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना से जुड़े सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ होकर निर्धारित समय में पूर्ण किया जा सके।

यातायात व्यवस्था होगी सुगम, समय और ईंधन दोनों की होगी बचत

प्रस्तावित मार्ग के निर्माण के बाद उर्दना मोड़ चौक से बड़े रामपुर, सर्किट हाउस, केलो नदी तट एवं मरीन ड्राइव होते हुए सीधे बोंदाटिकरा पुल तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही जशपुर रोड से आने वाले वाहन बिना शहर के भीतरी हिस्से में प्रवेश किए सीधे बिलासपुर-संबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तथा आगे रायपुर मार्ग तक पहुंच सकेंगे। इस नई व्यवस्था से शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा तथा भारी वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा। इससे आम नागरिकों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के साथ-साथ यात्रा समय में भी कमी आएगी।

इंटरनल रिंग रोड से शहर के ट्रैफिक दबाव में आएगी बड़ी कमी

प्रस्तावित इंटरनल रिंग रोड के विकसित होने से शहर के यातायात दबाव में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। यह परियोजना भविष्य में रायगढ़ शहर के नियोजित शहरी विकास और बेहतर यातायात प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। प्रस्तावित चार मरीन ड्राइव परियोजनाओं में से तीन पर वर्तमान में कार्य प्रगति पर है, जबकि शेष 2.3 किलोमीटर लंबाई के मरीन ड्राइव मार्ग के निर्माण के लिए कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस परियोजना के लिए राज्य शासन से पीडब्ल्यूडी को सैद्धांतिक सहमति भी प्राप्त हो चुकी है, जिससे इसके शीघ्र क्रियान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। निरीक्षण के दौरान आयुक्त नगर निगम  बृजेश सिंह क्षत्रिय सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद थे ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *