ऑपरेशन आघात का ताबड़तोड़ एक्शन: यूपी जा रही 26.484 किलो गांजा की खेप लैलूंगा में जब्त

■ ओडिशा से आई10 कार में हो रही थी तस्करी, वाराणसी का तस्कर गिरफ्तार; 16.24 लाख का गांजा व कार जब्त
रायगढ़ । रायगढ़ पुलिस का “ऑपरेशन आघात” नशे के कारोबारियों पर लगातार भारी पड़ रहा है। अभियान के तहत लैलूंगा पुलिस ने अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए ओडिशा से उत्तर प्रदेश ले जाई जा रही 26.484 किलोग्राम गांजा की खेप को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान वाराणसी निवासी एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी में प्रयुक्त आई10 कार भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली। जब्त गांजा और वाहन की कुल कीमत 16.24 लाख रुपये आंकी गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर जिलेभर में नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली कि आई10 कार क्रमांक OD-15-P-1800 में ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा भरकर लैलूंगा-पत्थलगांव मार्ग से उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और कटकलिया – फोकटपारा तिराहा पर रणनीतिक घेराबंदी की गई। कुछ देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेरकर पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अर्जुन उपाध्याय (24 वर्ष), निवासी कैथापुर, थाना राजा तालाब, जिला वाराणसी (उत्तर प्रदेश) बताया। उसने ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश ले जाने की बात स्वीकार की।
एनडीपीएस एक्ट की वैधानिक प्रक्रिया के तहत वाहन की तलाशी लेने पर कार से 13 पैकेटों में पैक 26.484 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त गांजा की अनुमानित कीमत 13,24,200 रुपये तथा कार की कीमत लगभग 3 लाख रुपये आंकी गई। इस प्रकार पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 16,24,200 रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की।
आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 238/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस सफलता में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गिरधारी साव, उप निरीक्षक चंद्रकुमार सिंगार, प्रधान आरक्षक राम प्रसाद चौहान, आरक्षक शशिभूषण उरांव तथा राजू तिग्गा की सराहनीय भूमिका रही।










