घरघोड़ा फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई अनाचारी को अंतिम सांस तक के कारावास की सजा

रायगढ़ । न्यायालय शहाबुद्दीन कुरैशी बिशेष न्यायाधीश एफ टी एस सी पाक्सो/रेप घरघोड़ा जिला रायगढ़ ने दो वर्षीय मासूम के साथ अनाचार करने वाले आरोपी राजू महतो पिता विपत महतो निवासी फत्तेपुर बिलौना, थाना औराई जिला मुजफ्फरपुर बिहार को दो वर्षीय मासूम के साथ अनाचार करने के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना पूंजी पथरा के अपराध क्रमांक 213/2023 अन्तर्गत धारा 376,450, भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 4,6,पाक्सो एक्ट के अपराध का मामला इस प्रकार है कि दिनांक 22/08/2023 को पीड़ित की मां थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उक्त दिनांक को उसका पति काम करने प्लान्ट गया था। वह अपने बच्चों के साथ घर में थी, दोपहर लगभग 01बजे आरोपी राजू महतो आया और बोला कि थोड़ा आराम करना चाहता है । तब प्रार्थिया ने उसे घर में आराम करने बोली । आरोपी आराम करने भीतर गया और जहां चटाई पर दो वर्षीय मासूम पीड़ित सोई थी उसके बगल मे जाकर आराम करने लगा।
प्रार्थिया कमरे से बाहर घर के पीछे चबूतरे पर अपने पड़ोसी के साथ बैठकर बात चीत कर रही थी कि पीड़ित की रोने की आवाज सुन कर जाकर देखी तो घर का दरवाजा भीतर से बंद था, दरवाजे को धक्का देकर अंदर जाकर देखी तो आरोपी अर्धनग्न अवस्था में था और पीड़ित के ऊपर लेटा था।
पीड़ित की मां को देख कर आरोपी वहां से भाग गया पीड़ित के शरीर से खून बह रहा था। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना प्रभारी पूंजी पथरा ने प्रकरण की विवेचना प्रारंभ की तथा आरोपी राजू महतो को गिरफ्तार कर जेल भेजा एवं सभी साक्षियों के बयान दर्ज कर पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।
विद्वान न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए प्रकरण के सभी साक्षियों के बयान दर्ज कराए तथा साक्ष्यों का परिशीलन करते हुए आरोपी राजू महतो को पीड़ित के साथ बलातसंग करने के आरोप में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई जिसका अभिप्राय उसके शेष प्राकृतिक जीवन काल तक के लिए है। न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में कुल 7000/ रू अर्थ दण्ड से भी दण्डित किया।
उल्लेखनीय है कि दो वर्षीय पीड़ित मासूम को क्षतिपूर्ति के रूप में 600000/रू विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से दिलाए जाने की अनुशंसा की है।
प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री मती अर्चना प्रेम मिश्रा ने पक्ष रखा।








