दो साल से फाइलों में कैद विकास एन टी पी सी के भरोसे बैठे घरघोड़ावासी

■ 500 सोलर स्ट्रीट लाइट और बागमुड़ा तालाब सौंदर्यीकरण आज भी अधूरा
■ एस डी एम से लेकर एन टी पी सी तक लगातार हुआ पत्राचार, नगर पंचायत अध्यक्ष और नागरिकों ने कई बार उठाई मांग, फिर भी धरातल पर नहीं दिखा विकास
घरघोड़ा । घरघोड़ा नगर के विकास को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। उपलब्ध दस्तावेजों से यह स्पष्ट होता है कि पिछले दो वर्षों से नगर में विकास कार्यों को लेकर लगातार पत्राचार किया जाता रहा, लेकिन अब तक अधिकांश कार्य केवल कागजों तक ही सीमित दिखाई दे रहे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष, एसडीएम कार्यालय और NTPC तलाईपाली प्रबंधन के बीच कई बार पत्रों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन नगरवासियों को आज भी उन कार्यों का इंतजार है, जिनका वादा लंबे समय पहले किया गया था।
दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2024 में घरघोड़ा नगर में हाई मास्क लाइट लगाने की मांग उठाई गई थी। इस संबंध में एसडीएम कार्यालय ने NTPC को पत्र भेजा, जिसके जवाब में NTPC प्रबंधन ने नगर के प्रमुख चौकों—बाईपास रोड चौक, रेलवे स्टेशन चौक और दुर्गा मंदिर चौक—में हाई मास्क लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी। साथ ही यह भी कहा गया कि अन्य स्थानों पर कार्य उपलब्ध बजट के आधार पर किए जाएंगे।
इसके बाद भी नगर की जरूरतों को देखते हुए लगातार मांगें उठती रहीं। वर्ष 2025 में नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेन्द्र चौधरी ने पूरे नगर के लिए 500 सोलर स्ट्रीट लाइट पोल सहित लगाने तथा बागमुड़ा तालाब के सर्वांगीण सौंदर्यीकरण की मांग करते हुए एसडीएम के माध्यम से NTPC को प्रस्ताव भेजा। इस प्रस्ताव में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि नगर तेजी से विकसित हो रहा है और बेहतर रोशनी तथा सार्वजनिक स्थलों के विकास की आवश्यकता है।
इतना ही नहीं, नगरवासियों ने भी सामूहिक रूप से आवेदन देकर कहा कि NTPC द्वारा क्षेत्र से संसाधन लिए जा रहे हैं, लेकिन नगर को अपेक्षित विकास कार्य नहीं मिल पा रहे हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि बरसात के मौसम में कई क्षेत्रों में अंधेरा होने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है तथा पहले भी ऐसी घटनाओं में लोगों की जान जा चुकी है। इसलिए जल्द से जल्द पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने पुनः पत्र लिखकर याद दिलाया कि पूर्व में भेजे गए प्रस्तावों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आग्रह किया कि जनहित को देखते हुए 500 सोलर स्ट्रीट लाइट, बागमुड़ा तालाब का सौंदर्यीकरण तथा नगर के विभिन्न वार्डों में आवश्यक विकास कार्य शीघ्र स्वीकृत कराए जाएं।
दस्तावेजों में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में सड़क निर्माण, विद्युत व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भी शामिल हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि नगर के विकास के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन इन प्रस्तावों का लाभ आम जनता तक पूरी तरह नहीं पहुंच सका।
नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इन योजनाओं पर अमल होता तो आज कई वार्ड बेहतर रोशनी से जगमगा रहे होते और सार्वजनिक स्थल भी आकर्षक स्वरूप में दिखाई देते। लोगों का यह भी कहना है कि केवल पत्राचार से विकास नहीं होता, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारना भी उतना ही आवश्यक है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब लगातार पत्राचार, प्रस्ताव और अनुस्मारक भेजे गए, तो आखिर विकास कार्यों में देरी क्यों हुई? क्या बजट की कमी आड़े आई, प्रशासनिक प्रक्रिया लंबी रही या फिर जिम्मेदार एजेंसियों की प्राथमिकताओं में घरघोड़ा पीछे रह गया?
फिलहाल नगरवासियों की निगाहें प्रशासन और NTPC प्रबंधन पर टिकी हैं। लोगों की मांग है कि वर्षों से लंबित विकास कार्यों को अब और विलंब न किया जाए तथा नगर के लिए स्वीकृत योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारकर घरघोड़ा को आधुनिक और सुविधायुक्त नगर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।













